बीएसपी टाउनशिप में हड़कंप: हजारों लीज होल्डर्स और व्यापारियों को नोटिस, खाली करने के आदेश से बढ़ा तनाव।

भिलाई स्टील प्लांट (BSP) द्वारा टाउनशिप और लीज होल्डर्स को बेदखली नोटिस जारी करने के बाद भारी जनाक्रोश। व्यापारियों और निवासियों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन प्रदर्शन। जानिए क्या है पूरा लीज विवाद और प्रभावितों की मांगें।

बीएसपी टाउनशिप में हड़कंप: हजारों लीज होल्डर्स और व्यापारियों को नोटिस, खाली करने के आदेश से बढ़ा तनाव।

प्रमुख बिंदु (News Highlights)

  • 10,000 से अधिक परिवार प्रभावित: नगर सेवाएं विभाग (TSD) द्वारा जारी बेदखली नोटिसों के बाद टाउनशिप में हड़कंप।

  • व्यापारियों और निवासियों का विरोध: भिलाई नगर निगम और बीएसपी प्रवर्तन अनुभाग के खिलाफ खोला मोर्चा।

  • राजनीतिक घेराबंदी: कांग्रेस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा आंदोलन का समर्थन; सेल (SAIL) बोर्ड पर नीति में बदलाव का बनाया जा रहा दबाव।

विशेष रिपोर्ट (भिलाई / दुर्ग)

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की प्रमुख इकाई भिलाई स्टील प्लांट (BSP) द्वारा टाउनशिप क्षेत्रों, व्यावसायिक परिसरों और लीज-होल्ड संपत्तियों को खाली कराने के लिए जारी बेदखली नोटिसों के बाद इस्पात नगरी भिलाई में जनाक्रोश चरम पर पहुंच गया है। दशकों से टाउनशिप में रह रहे निवासियों, दुकानदारों और सामाजिक संस्थाओं के सामने बेदखली का संकट खड़ा हो गया है, जिससे यह विषय अब एक बड़ा जनआंदोलन और राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।

विवाद का मुख्य कारण

  1. लीज नवीनीकरण में पेच: सिविक सेंटर, रिसाली, मरोदा सहित टाउनशिप के विभिन्न क्षेत्रों में 30 वर्षों के लिए आवंटित लीज और लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी है। प्रभावितों का आरोप है कि नवीनीकरण प्रक्रिया के नाम पर अत्यधिक शुल्क और अव्यवहारिक शर्तें थोपी जा रही हैं।

  2. एस्टेट कोर्ट और प्रवर्तन अनुभाग की सख्ती: एस्टेट कोर्ट की डिक्री का हवाला देकर बीएसपी प्रशासन द्वारा परिसरों को सील करने और बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के नोटिस दिए जा रहे हैं।

  3. फ्री-होल्ड अधिकार की मांग: निवासियों और स्थानीय व्यापारियों की मुख्य मांग है कि कई दशकों से बसे लोगों को राज्य शासन के नियमों के अनुरूप भूमि व आवास का फ्री-होल्ड (मालिकाना) अधिकार प्रदान किया जाए।

राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिक्रियाएँ

  • विपक्ष एवं जनप्रतिनिधियों का रुख: स्थानीय विधायकों और जन प्रतिनिधियों की अगुवाई में बीएसपी मुख्य भवन (निदेशक प्रभारी कार्यालय) के समक्ष चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया है। जनसभाओं के जरिए मांग की जा रही है कि आम नागरिकों के हितों की अनदेखी बंद हो।

  • प्रशासनिक व शासन स्तर पर पहल: बढ़ते तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन (दुर्ग) मध्यस्थता की भूमिका में आया है। स्थानीय सांसद और वरिष्ठ नेताओं द्वारा केंद्रीय इस्पात मंत्रालय और सेल बोर्ड से नीतिगत संशोधनों पर चर्चा की जा रही है।

  • व्यापारियों का अल्टीमेटम: भिलाई के विभिन्न व्यापारी संघों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बीएसपी प्रबंधन ने एकतरफा कार्रवाई और सीलिंग नहीं रोकी, तो शहर का संपूर्ण कारोबार ठप कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

बीएसपी प्रबंधन का पक्ष

बीएसपी जनसंपर्क विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रियाओं और एस्टेट कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत केवल अनाधिकृत कब्जों और अनुबंध उल्लंघन के मामलों में की जा रही है। हालांकि, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च स्तरीय बैठकें बुलाई गई हैं ताकि सर्वमान्य समाधान निकाला जा सके।

प्रभावितों की प्रमुख मांगें

  • सभी प्रकार के बेदखली व कारण बताओ नोटिस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

  • लीज एवं लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी व व्यावहारिक दरों पर सुगम बनाया जाए।

  • रिहायशी और व्यावसायिक परिसरों के लिए स्पष्ट 'फ्री-होल्ड' नीति तैयार की जाए।

  • वार्ता पूरी होने तक बिजली, पानी काटने अथवा संपत्ति सील करने जैसी दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

कुमार 

सम्पादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज़