राजधानी रायपुर के शांति नगर स्कूल ने वैश्विक पटल पर लहराया परचम, BRICS 2026 में छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया

रायपुर के शांति नगर स्थित पीजी उमाठे उत्कृष्ट शासकीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने BRICS 2026 स्कूल जियोस्पेशियल प्रोजेक्ट शोकेस में 'Building Sponge City Together' विषय पर शानदार प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है।

राजधानी रायपुर के शांति नगर स्कूल ने वैश्विक पटल पर लहराया परचम, BRICS 2026 में छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया

रायपुर: शिक्षा, नवाचार और पर्यावरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। रायपुर के शांति नगर स्थित पीजी उमाठे उत्कृष्ट शासकीय विद्यालय (PG Umathe Utkrisht Shaskiya Vidyalaya) के विद्यार्थियों ने अपनी असाधारण प्रतिभा और वैज्ञानिक सोच के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। यह विद्यालय प्रतिष्ठित BRICS 2026 स्कूल जियोस्पेशियल प्रोजेक्ट शोकेस के लिए चयनित हुआ था, जहां विद्यार्थियों ने अपने अनूठे प्रोजेक्ट के जरिए वैश्विक मंच पर अमिट छाप छोड़ी है।

'Building Sponge City Together' विषय पर प्रस्तुत किया गया अत्याधुनिक प्रोजेक्ट

अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने 'Building Sponge City Together' (एक साथ मिलकर स्पंज सिटी का निर्माण करना) विषय पर आधारित अपना अत्याधुनिक जियोस्पेशियल प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया।

आज के दौर में जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, अत्यधिक शहरीकरण (Urbanization) और अनियोजित विकास के कारण जलभराव (Urban Flooding), भूजल स्तर में भारी गिरावट और पर्यावरण असंतुलन जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, तब इस प्रोजेक्ट ने इन समस्याओं के बेहद वैज्ञानिक, व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान प्रस्तुत किए हैं।

  • स्पंज सिटी की अवधारणा (Sponge City Concept): इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य शहरों को एक 'स्पंज' की तरह विकसित करना है, जो भारी बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी को प्राकृतिक रूप से सोख ले और सूखे या जरूरत के समय उसे धीरे-धीरे रीचार्ज या उपयोग के लिए वापस प्रदान करे।

  • जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी का कुशल उपयोग: विद्यार्थियों ने भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS), रिमोट सेंसिंग और आधुनिक जियोस्पेशियल टूल्स का बारीकी से अध्ययन करके शहरी क्षेत्रों के सटीक मैपिंग मॉडल तैयार किए। उन्होंने यह वैज्ञानिक रूप से दर्शाया कि कैसे सुनियोजित प्लानिंग के जरिए शहरी क्षेत्रों में जल निकासी, वाटर हार्वेस्टिंग और भूजल संचयन को अभूतपूर्व रूप से बेहतर बनाया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभा का लोहा

BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों के इस प्रतिष्ठित और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी शोकेस में दुनिया भर से कई चुनिंदा और बेहतरीन प्रोजेक्ट्स शामिल होते हैं। ऐसे उच्चस्तरीय मंच पर एक शासकीय (सरकारी) स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा इस स्तर का तकनीकी और पर्यावरण-संवेदनशील प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया जाना न केवल विद्यालय के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य और भारत देश के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।

इस शानदार उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित कर दिखाया है कि यदि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीकी शिक्षा और उचित मंच उपलब्ध कराया जाए, तो वे दुनिया के किसी भी कोने के छात्रों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।

शिक्षा जगत में उत्साह की लहर और दूरगामी प्रभाव

इस ऐतिहासिक सफलता के बाद रायपुर के शिक्षा जगत, शिक्षक वर्ग और प्रशासनिक हलकों में भारी उत्साह का माहौल है। विद्यालय के शिक्षकों, प्राचार्यों और मार्गदर्शकों की कड़ी मेहनत और विजन रंग लाया है, जिन्होंने बच्चों को न सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित रखा, बल्कि उन्हें समसामयिक वैश्विक समस्याओं पर गंभीर रूप से सोचने और उनके तकनीकी समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स विद्यार्थियों में स्टेम (STEM - Science, Technology, Engineering, and Mathematics) शिक्षा के प्रति रुचि को तीव्र गति से बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एक सक्षम व उत्तरदायी नागरिक के रूप में तैयार करते हैं। शांति नगर के पीजी उमाठे स्कूल की इस ऐतिहासिक सफलता ने राज्य के अन्य सरकारी विद्यालयों के बच्चों के लिए भी प्रेरणा के नए और व्यापक द्वार खोल दिए हैं।

कुमार 

सम्पादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज़