बिना SIM, बिना इंटरनेट चलेगा ये ऐप? सरकार ने क्यों लिया BitChat पर बड़ा एक्शन, जानिए पूरी वजह

इंटरनेट बंदी के दौरान तेजी से पॉपुलर हो रहे ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप 'BitChat' पर गृह मंत्रालय की साइबर विंग ने शिकंजा कसा है। जानिए आखिर क्यों सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गया यह ऐप...

बिना SIM, बिना इंटरनेट चलेगा ये ऐप? सरकार ने क्यों लिया BitChat पर बड़ा एक्शन, जानिए पूरी वजह

मुख्य बातें (Key Highlights)

  • GitHub को नोटिस: गृह मंत्रालय (MHA) की साइबर एजेंसी I4C ने GitHub को BitChat का ओपन-सोर्स कोड हटाने का कानूनी निर्देश जारी किया है।

  • बिना इंटरनेट मैसेजिंग: यह ऐप किसी मोबाइल नेटवर्क या वाई-फाई के बिना, केवल ब्लूटूथ मेश (Bluetooth Mesh) तकनीक का इस्तेमाल करके आसपास के फोन के जरिए मैसेज डिलीवर करता है।

  • सुरक्षा एजेंसियों का दावा: ऐप में कोई फोन नंबर, ईमेल या सेंट्रल सर्वर नहीं होने से इसे ट्रैक करना असंभव है। प्रदर्शनों और संवेदनशील इलाकों में अफवाहें फैलाने के लिए इसके संभावित दुरुपयोग की आशंका जताई गई है।

  • जैक डोर्सी का बयान: ऐप के मुख्य समर्थकों में शामिल ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी ने सरकार के टेकडाउन नोटिस को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सवाल उठाए हैं।

BitChat कैसे काम करता है और क्यों बढ़ा विवाद?

सामान्य मैसेजिंग ऐप (जैसे WhatsApp) सेंट्रल सर्वर और इंटरनेट से चलते हैं, लेकिन BitChat पूरी तरह अलग है:

  • पीयर-टू-पीयर (P2P) नेटवर्क: यह पास मौजूद अन्य स्मार्टफोन्स को एक 'रिले' की तरह इस्तेमाल करके मैसेज आगे पहुंचाता है।

  • शून्य डिजिटल पहचान: ऐप डाउनलोड करने के बाद किसी यूजर रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती, जिससे मैसेज भेजने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रहती है।

आम यूज़र्स के लिए क्या बदल जाएगा?

  1. ओपन-सोर्स एक्सेस पर रोक: GitHub से कोड हटने के बाद डेवलपर्स इसमें नए फीचर्स या अपडेट्स नहीं जोड़ पाएंगे।

  2. अन्य ऑफलाइन ऐप्स पर भी निगरानी: सुरक्षा एजेंसियां Bridgefy और Briar जैसे अन्य ब्लूटूथ मेश ऐप्स पर भी कड़ी नजर रख रही हैं।

आगे क्या?

सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल कर बिना पहचान के भीड़ इकट्ठा करने या गैर-कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले किसी भी सॉफ्टवेयर या मेश-नेटवर्क ऐप पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। GitHub पर टेकडाउन के बाद अब अन्य मेश मैसेजिंग ऐप्स (जैसे Bridgefy या Briar) भी जांच के दायरे में आ गए हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल शैक्षणिक, तकनीकी और समाचार संबंधी जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। यह प्लेटफ़ॉर्म किसी भी प्रकार के गैर-कानूनी, अनधिकृत या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले ऐप्स और सॉफ़्टवेयर के उपयोग का समर्थन नहीं करता है। लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों, सरकारी जारी सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषणात्मक रिपोर्टों पर आधारित है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी एप्लिकेशन का उपयोग करने से पहले अपने क्षेत्र के कानूनों (जैसे IT Act) और गोपनीयता दिशानिर्देशों का पालन करें।

कुमार 

सम्पादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज़