क्या ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर लगेगी फीस? जानिए क्या है वायरल खबरों और नए नियमों का सच

क्या ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर फीस लगेगी? जानिए वायरल खबरों और नए नियमों की पूरी सच्चाई। आम जनता और व्यापारियों के लिए क्या हैं एनपीसीआई (NPCI) के नियम, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

क्या ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर लगेगी फीस? जानिए क्या है वायरल खबरों और नए नियमों का सच

भारत में डिजिटल पेमेंट का मुख्य जरिया बन चुके यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) को लेकर सोशल मीडिया और वित्तीय बाजारों में अक्सर यह चर्चा छिड़ जाती है कि ₹2,000 से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त शुल्क (फीस) या चार्ज लग सकता है। इस तरह की खबरों के सामने आने के बाद आम जनता और व्यापारियों के मन में भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले की असल सच्चाई क्या है और एनपीसीआई (NPCI) व आरबीआई (RBI) के आधिकारिक नियम क्या कहते हैं।

आम जनता के लिए क्या है स्थिति? (Clearance for Individual Users)

वित्तीय विशेषज्ञों और एनपीसीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, आम यूजर्स के लिए बैंक-टू-बैंक (P2P - Peer-to-Peer) और सामान्य मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पहले की तरह पूरी तरह से मुफ्त हैं।

  • यदि आप अपने बैंक खाते से किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में पैसे भेजते हैं या किसी दुकान पर क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करके सीधे भुगतान करते हैं, तो राशि चाहे ₹2,000 से कम हो या अधिक, आपको या दुकानदार को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

  • आम नागरिकों के सामान्य यूपीआई लेन-देन पर किसी भी तरह का कोई चार्ज नहीं लगाया गया है।

कहाँ और किस पर लागू होता है चार्ज? (The Reality of PPI & Interchange Fees)

₹2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर फीस की चर्चा असल में प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) यानी डिजिटल वॉलेट्स (जैसे पेटीएम, फोनपे वॉलेट या अमेजन पे बैलेंस) के जरिए होने वाले भुगतानों से जुड़ी है:

  1. वॉलेट आधारित भुगतान: यदि कोई यूजर बैंक खाते की बजाय किसी थर्ड-पार्टी डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल करके मर्चेंट (व्यापारी) को ₹2,000 से अधिक का भुगतान करता है, तो वहां चुनिंदा श्रेणियों में इंटरचेंज फीस (Interchange Fee) लागू होती है।

  2. ग्राहकों पर इसका असर: यह शुल्क ग्राहकों से सीधे नहीं वसूला जाता है। यह मर्चेंट (व्यापारी) और पेमेंट एग्रीगेटर/वॉलेट कंपनियों के बीच का मामला होता है। हालांकि, कुछ मर्चेंट इसे अपने स्तर पर संभालते हैं।

  3. क्रेडिट कार्ड ऑन यूपीआई: यदि आप यूपीआई पर RuPay क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होता है, लेकिन सामान्य बैंक खाते से होने वाले भुगतानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता।

सरकार और नियामक का रुख

सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लगातार देश में डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा दे रहे हैं। समय-समय पर सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि यूपीआई को एक 'पब्लिक डिजिटल गुड' के रूप में रखा गया है, ताकि आम जनता बिना किसी रुकावट या छिपे हुए शुल्क के इसका उपयोग कर सके।

निष्कर्ष:

यदि आप एक आम नागरिक हैं और अपने बैंक खाते (Bank Account) से सामान्य रूप से यूपीआई पेमेंट कर रहे हैं, तो आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आपके लिए ₹2,000 से ज्यादा या कम के ट्रांजैक्शन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लग रहा है। यह नियम केवल वॉलेट (PPI) आधारित चुनिंदा व्यापारिक लेन-देन के दायरे से जुड़ा है।

कुमार 

सम्पादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज़