नया रायपुर में 12-13 अगस्त को 5वां 'ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट 2026'; 400 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि जुटेंगे
नया रायपुर में 12-13 अगस्त 2026 को आयोजित '5वें ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट' में 400 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि जुटेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे उद्घाटन। जानिए मुख्य आकर्षण और नीतियां।
नया रायपुर — भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और CII-सोहराबजी गोदरेज ग्रीन बिजनेस सेंटर (GBC) के संयुक्त तत्वावधान में नया रायपुर स्थित मयूरफेयर लेक रिसॉर्ट में 12 और 13 अगस्त 2026 को '5वें ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट 2026' का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
"डीकार्बोनाइजिंग द इंडियन स्टील एंड माइनिंग इंडस्ट्री" (भारतीय इस्पात व खनन उद्योग का वि-कार्बोनीकरण) की थीम पर आधारित इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत और विदेशों से 400 से अधिक शीर्ष नीति निर्माता, उद्योगपति, वैज्ञानिक और पर्यावरण विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
1. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे शुभारंभ; कैबिनेट मंत्री भी रहेंगे मौजूद
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उद्घाटन सत्र: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे। वे राज्य को टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक क्रांति के केंद्र के रूप में स्थापित करने की अपनी दूरदर्शी योजना प्रस्तुत करेंगे।
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नीतिगत ढांचा: राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा वित्त एवं आवास मंत्री ओ.पी. चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे राज्य की 'औद्योगिक विकास नीति 2024-30' के तहत हरित उद्योगों (Green Enterprises), कार्बन कैप्चर तकनीकों और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने वाले संयंत्रों को दी जाने वाली विशेष सब्सिडी, विद्युत शुल्क छूट और बी-स्पोक इंसेंटिव्स की रूपरेखा साझा करेंगे।
2. अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता और उद्योग प्रतिनिधित्व
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वैश्विक प्रतिनिधि मंडल: फिनलैंड, स्वीडन, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे प्रमुख खनन व इस्पात उत्पादक देशों से 400 से अधिक प्रतिनिधि रायपुर पहुँच रहे हैं।
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प्रमुख कंपनियां: टाटा स्टील, सेल (SAIL), जेएसडब्ल्यू (JSW), जिंदल स्टील एंड पावर, एनएमडीसी (NMDC) और गोदावरी पावर एंड इस्पात सहित 70 से अधिक प्राथमिक व द्वितीयक इस्पात निर्माता कंपनियाँ और प्रौद्योगिकी प्रदाता इसमें भाग लेंगे।
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आयोजक नेतृत्व: CII छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष बजरंग गोयल, उपाध्यक्ष आनंद सिंघानिया और CII ईस्टर्न रीजन की स्टील सब-कमेटी के चेयरमैन सिद्धार्थ अग्रवाल की देखरेख में सम्मेलन की व्यवस्थाएं पूरी की गई हैं।
3. तकनीकी सत्र और 'क्लीन-टेक एक्सपो' (50+ स्टॉल्स)
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8 तकनीकी सत्र: दो दिनों के दौरान इस्पात निर्माण में कार्बन पदचिह्न (Carbon Footprint) घटाने, ग्रीन हाइड्रोजन (H2-DRI) के औद्योगिक उपयोग, कार्बन कैप्चर यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (CCUS) और अपशिष्ट प्रबंधन पर 40 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।
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प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी: सम्मेलन परिसर में 50 से अधिक स्टॉल्स के माध्यम से शून्य-उत्सर्जन खनन उपकरण, रोबोटिक्स, ऊर्जा-कुशल भट्टियाँ और ऑनलाइन कार्बन ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर का सजीव प्रदर्शन (Live Demo) किया जाएगा।
4. राष्ट्रीय लक्ष्य एवं छत्तीसगढ़ का रणनीतिक महत्व
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300 मिलियन टन इस्पात लक्ष्य: राष्ट्रीय इस्पात नीति के तहत वर्ष 2030-31 तक देश में 300 मिलियन टन कच्चे इस्पात उत्पादन की क्षमता हासिल करने के लक्ष्य में यह सम्मेलन हरित बदलाव (Green Transition) की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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क्षेत्रीय नेतृत्व: भिलाई, रायपुर और रायगढ़ जैसे विशाल औद्योगिक क्लस्टरों के कारण छत्तीसगढ़ देश के कुल स्पंज आयरन और स्टील उत्पादन में प्रमुख स्थान रखता है। इस सम्मेलन के माध्यम से राज्य खुद को दक्षिण एशिया के अग्रणी 'हरित इस्पात व स्वच्छ खनन केंद्र' के रूप में मजबूती से प्रस्तुत करेगा।
मीडिया एवं पंजीयन संबंधी जानकारी
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आयोजन स्थल: मयूरफेयर लेक रिसॉर्ट, नया रायपुर (छत्तीसगढ़)।
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समय: 12 एवं 13 अगस्त 2026 (प्रातः 09:30 बजे से सायंकाल 05:30 बजे तक)।
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पंजीकरण: प्रवेश केवल पूर्व-पंजीकृत प्रतिनिधियों, आमंत्रित अतिथियों और अधिकृत मीडिया कर्मियों के लिए मान्य होगा। ऑन-साइट मीडिया डेस्क 12 अगस्त को प्रातः 08:30 बजे से शुरू रहेगा।
कुमार
सम्पादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज़