बिजली की दोहरी मार: 13 महीनों में दो बार बढ़ीं दरें, हाफ-बिजली योजना का दायरा घटने से उपभोक्ताओं का बजट बिगड़ा
रायपुर
प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर पिछले 13 महीनों के भीतर दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ जहां विद्युत नियामक आयोग ने लगातार दो बार बिजली दरों में इजाफा किया है, वहीं दूसरी तरफ 'हाफ-बिजली योजना' की सीमा में की गई कटौती ने आम जनता का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि 100 यूनिट तक की खपत वाले निम्न एवं मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए दरें 3.90 रुपये से बढ़कर अब 4.40 रुपये प्रति यूनिट हो गई हैं। वहीं 201 से 400 यूनिट तक खपत करने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए टैरिफ 5.50 रुपये से बढ़कर 6.00 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच चुका है। आयोग के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए सभी श्रेणियों को मिलाकर औसत टैरिफ में 6.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
दो चरणों में लागू हुई दर वृद्धि (जून 2025 से जुलाई 2026)
बिजली दरों में पहला संशोधन जुलाई 2025 में किया गया था, जब 0-100 यूनिट पर 20 पैसे, 101-200 यूनिट पर 10 पैसे और 201-400 यूनिट पर 10 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई।
इसके बाद जुलाई 2026 में दरों को एक बार फिर रिवाइज किया गया, जिससे पिछले 13 महीनों में कुल मिलाकर प्रति यूनिट 40 से 50 पैसे तक की सीधी बढ़ोतरी हो चुकी है।
विभिन्न स्लैब में दरों में परिवर्तन (रुपये प्रति यूनिट में):
| खपत (स्लैब) | जून 2025 (प्रारंभिक दर) | जुलाई 2025 (प्रथम वृद्धि) | जुलाई 2026 (वर्तमान दर) | कुल बढ़ोतरी |
| 0 - 100 यूनिट | ₹3.90 | ₹4.10 | ₹4.40 | +₹0.50 |
| 101 - 200 यूनिट | ₹4.10 | ₹4.20 | ₹4.50 | +₹0.40 |
| 201 - 400 यूनिट | ₹5.50 | ₹5.60 | ₹6.00 | +₹0.50 |
| 401 - 600 यूनिट | — | — | ₹7.00 | — |
| 601 से अधिक | — | — | ₹8.80 | — |
300 यूनिट खपत का गणित: ऊर्जा लागत और हाफ-बिल योजना का प्रभाव
300 यूनिट प्रतिमाह खपत करने वाले किसी सामान्य परिवार के उदाहरण से समझें, तो जून 2025 में जिसकी ऊर्जा लागत ₹1,350 थी, वह जुलाई 2025 में बढ़कर ₹1,390 और जुलाई 2026 में ₹1,490 हो गई। यानी शुद्ध ऊर्जा लागत में कुल ₹140 (लगभग 10.4%) की वृद्धि हुई।
हालांकि, उपभोक्ता के अंतिम बिल पर पड़ा असली असर सिर्फ टैरिफ वृद्धि के कारण नहीं, बल्कि हाफ-बिल योजना की शर्तों में बदलाव की वजह से है:
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जून 2025 (राहत सीमा 400 यूनिट): हाफ-बिल योजना के तहत 400 यूनिट तक पूरी छूट मिलने के कारण उपभोक्ता का अनुमानित बिल लगभग ₹751 आता था।
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योजना का दायरा घटा (100 यूनिट तक): योजना की सीमा घटाकर जब 100 यूनिट की गई, तब उपभोक्ता का बिल उछलकर ₹1,323 तक पहुंच गया।
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दिसंबर 2025 (राहत सीमा 200 यूनिट): सरकार द्वारा योजना की सीमा पुनः संशोधित कर 200 यूनिट करने पर बिल घटकर ₹1,096 हुआ।
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जुलाई 2026 (वर्तमान स्थिति): दरों में हुई नई वृद्धि के बाद अब 300 यूनिट खपत करने वाले उपभोक्ता का अनुमानित बिल बढ़कर ₹1,172 हो गया है।
जून 2025 (₹751) की तुलना में जुलाई 2026 (₹1,172) में उपभोक्ताओं को ₹421 प्रति माह अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं। बिजली दरों में लगातार वृद्धि और सब्सिडी के बदलते मानकों ने आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है।
संपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज