डिजिटल कृषि की ओर बड़ा कदम: भाटापारा में 10 अगस्त से एग्रीस्टैक पंजीयन के लिए लगेंगे विशेष शिविर

डिजिटल कृषि की ओर बड़ा कदम: भाटापारा में 10 अगस्त से एग्रीस्टैक पंजीयन के लिए लगेंगे विशेष शिविर

भाटापारा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'एग्रीस्टैक' (डिजिटल कृषि मिशन) के माध्यम से देश के अन्नदाताओं को आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी से जोड़ने और शासकीय कृषि योजनाओं का पारदर्शी लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने के लिए धरातल पर कार्य में तेजी आ गई है। इसी क्रम में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के भाटापारा विकासखंड की समस्त ग्राम पंचायतों में 10 अगस्त से 24 अगस्त तक विशेष एग्रीस्टैक पंजीयन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

कलेक्टर कुलदीप शर्मा के दिशा-निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले ये शिविर प्रतिदिन पूर्वाह्न 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक आपकी स्थानीय ग्राम पंचायत भवन या निर्धारित स्थल पर संचालित होंगे।

क्या है एग्रीस्टैक और यूनिक फार्मर आईडी?

एग्रीस्टैक केंद्र सरकार द्वारा तैयार किया जा रहा एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य देश के प्रत्येक किसान की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान (यूनिक फार्मर आईडी) बनाना है। जिस प्रकार नागरिकों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र बनाए जाते हैं, ठीक उसी तर्ज पर यह आईडी किसान के भू-अभिलेखों (खसरा/रकबा) को डिजिटल रूप से एक स्थान पर जोड़ेगी।

शिविर के दौरान ही अधिकारियों व ऑपरेटरों द्वारा मौके पर किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कर उनकी यूनिक आईडी जनरेट की जाएगी, साथ ही तकनीकी व पंजीयन संबंधी समस्याओं का त्वरित निराकरण भी किया जाएगा।

क्यों अनिवार्य है एग्रीस्टैक पंजीयन?

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि भूमि का रकबा छोटा हो या बड़ा, प्रत्येक भू-स्वामी किसान के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य है। इस पंजीयन के बिना भविष्य में सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है।

डिजिटल आईडी बनने से होने वाले प्रमुख लाभ:

  1. पारदर्शी व सीधा लाभ: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान/फसल बिक्री, राजीव गांधी किसान न्याय योजना या अन्य शासकीय अनुदानों का सीधा हस्तांतरण सुलभ होगा।

  2. फसल बीमा में सुगमता: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति का दावा और दावों का निपटारा बिना किसी कागजी अड़चन के तेजी से होगा।

  3. केसीसी और ऋण सुविधा: बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और कृषि ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल एवं पारदर्शी बनेगी।

  4. सटीक एवं त्वरित परामर्श: मौसम, फसल रोग नियंत्रण और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की सटीक जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीधे किसानों तक पहुंचेगी।

शिविर में जाते समय ध्यान रखने योग्य आवश्यक बातें

प्रशासन ने पंजीयन प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं:

  • स्वयं की उपस्थिति: पंजीयन के दौरान किसान का स्वयं मौजूद रहना अनिवार्य है।

  • आवश्यक दस्तावेज व सामग्री:

    • मूल आधार कार्ड

    • आधार से लिंक एक्टिव (चालू) मोबाइल नंबर

  • दोहरा ओटीपी (OTP) सत्यापन: ई-केवाईसी (e-KYC) और भू-अभिलेखों के सत्यापन के लिए किसान के लिंक मोबाइल पर प्रक्रिया के दौरान दो बार ओटीपी भेजा जाएगा, जिसे मौके पर ही दर्ज करना आवश्यक है।

सहायता व मार्गदर्शन हेतु संपर्क करें

यदि किसानों को पंजीयन तिथि, स्थान या प्रक्रिया से संबंधित कोई संदेह या असुविधा होती है, तो वे अपनी ग्राम पंचायत के हल्का पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) या स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

जिला एवं जनपद प्रशासन ने भाटापारा विकासखंड के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे इस 15 दिवसीय विशेष अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और तय तिथियों पर अपने-अपने शिविर में पहुंचकर अपना पंजीयन सुनिश्चित कराएं।

संपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज