धमतरी: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में अदालत का बड़ा फैसला, दोषी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास

धमतरी में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने अभियुक्त को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एसपी भावना पांडेय के निर्देशन और केरेगांव पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना से मिली बड़ी सफलता।

धमतरी: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में अदालत का बड़ा फैसला, दोषी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास

एसपी भावना पांडेय के कुशल निर्देशन में केरेगांव पुलिस की सशक्त विवेचना; उत्कृष्ट कार्य के लिए तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक टुमन लाल टडसेना को पुरस्कार की घोषणा

धमतरी। महिला एवं बाल अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर कार्य कर रही धमतरी जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। थाना केरेगांव क्षेत्र के एक गंभीर पॉक्सो (POCSO) मामले में पुलिस द्वारा प्रस्तुत मजबूत साक्ष्यों और प्रभावी विवेचना के आधार पर अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है।

माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय एफटीसी/पॉक्सो), धमतरी ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी राकेश मंडावी (28 वर्ष) को दोषी ठहराते हुए उसे शेष प्राकृतिक जीवनकाल (अंतिम सांस तक) के लिए कठोर आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।

मामले की पृष्ठभूमि और त्वरित कार्रवाई

घटना थाना केरेगांव क्षेत्र की है, जहां ग्राम सियादेही निवासी आरोपी राकेश मंडावी (उम्र 28 वर्ष) ने एक नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के जघन्य अपराध को अंजाम दिया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के कुशल निर्देशन में पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और सलाखों के पीछे भेजा।

वैज्ञानिक विवेचना और अकाट्य साक्ष्य संकलन

इस संवेदनशील मामले की त्वरित, वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण जांच तत्कालीन केरेगांव थाना प्रभारी निरीक्षक टुमन लाल टडसेना द्वारा की गई। जांच अधिकारी ने पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए साक्ष्य एकत्र किए:

तत्काल चिकित्सीय एवं फॉरेंसिक जांच: घटना के बाद पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और फॉरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा गया।

समयबद्ध आरोप-पत्र (Charge-sheet): घटना स्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर चश्मदीदों व गवाहों के बयान दर्ज किए गए और न्यायालय में मजबूत व त्रुटिहीन चार्जशीट प्रस्तुत की गई।

सशक्त पैरवी: पुलिस द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत अकाट्य साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आरोपी का अपराध पूरी तरह सिद्ध हुआ।

अदालत का फैसला: अंतिम सांस तक जेल

माननीय न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त राकेश मंडावी को दोषी पाया और उसे "शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक के लिए कठोर आजीवन कारावास" तथा अर्थदंड से दंडित किया। इस फैसले का स्पष्ट अर्थ है कि दोषी को अपने पूरे जीवनकाल (अंतिम सांस) तक जेल में ही रहना होगा।

उत्कृष्ट विवेचना के लिए जांच अधिकारी को पुरस्कार

मामले में त्वरित और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के माध्यम से आरोपी को कठोर सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक टुमन लाल टडसेना के कार्य की उच्च अधिकारियों ने सराहना की है।

पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय ने निरीक्षक टुमन लाल टडसेना के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

आमजन में बढ़ा विश्वास

धमतरी पुलिस की इस प्रभावी और त्वरित कार्रवाई से आम नागरिकों में कानून एवं न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से अपराधियों में खौफ और समाज में सुरक्षा का संदेश गया है।

मयंक श्रीवास्तव 

चीफ एडिटर/नारद एक्सप्रेस न्यूज