छत्तीसगढ़: 5,000 शिक्षक पदों पर भर्ती, PVTG वर्ग के अभ्यर्थियों को D.Ed. और TET से मिली बड़ी छूट

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने 5,000 शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा फैसला लिया है। PVTG (विशेष पिछड़ी जनजाति) वर्ग के अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक पद हेतु D.Ed. और TET परीक्षा से छूट दी गई है। पढ़ें पूरी खबर।

छत्तीसगढ़: 5,000 शिक्षक पदों पर भर्ती, PVTG वर्ग के अभ्यर्थियों को D.Ed. और TET से मिली बड़ी छूट

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य में 5,000 शिक्षकीय पदों पर नवीन भर्ती को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शासन ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG - Particularly Vulnerable Tribal Groups) के अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक पद के लिए अनिवार्य पात्रता शर्तों में विशेष राहत दी है।

स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव आर. पी. वर्मा द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (दिनांक 3 अगस्त 2026) के अनुसार, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर शासन ने अपनी प्रशासकीय सहमति दे दी है।

न्यूज़ अपडेट: मुख्य बिंदु

  • D.Ed. और TET से छूट: विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समूह के अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक पद के लिए डी.एड. (D.Ed.) एवं शिक्षक पात्रता परीक्षा (T.E.T.) से छूट प्रदान की गई है।

  • 2013 के राजपत्र का पालन: यह छूट विभाग के राजपत्र दिनांक 10.01.2013 में निहित नियमों और अनुक्रम के तहत दी गई है।

  • ऑनलाइन आवेदन का रास्ता साफ: प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद अब PVTG वर्ग के अभ्यर्थी CGSSB / भर्ती पोर्टल पर आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

  • 5,000 पदों पर प्रक्रिया तेज: शासन की सहमति के साथ ही 5,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की हरी झंडी मिल गई है।

शासकीय पत्र का विवरण

  • विभाग: स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर

  • पत्र क्रमांक: ESTB-101/258/2025/20-3 (दिनांक: 03-08-2026)

  • प्रेषित: संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, इन्द्रावती भवन

  • विषय: 5000 शिक्षकीय पदों पर नवीन भर्ती विषयक

फैसले का असर

प्रदेश के सुदूर और जनजातीय बाहुल्य अंचलों (जैसे बैगा, पहाड़ी कोरवा, कमार, बिरहोर, अबूझमाड़िया आदि) के युवाओं के लिए यह फैसला वरदान साबित होगा। पात्रता में छूट मिलने से जहाँ इन वर्गों के शिक्षित युवाओं को सीधे रोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं बस्तर और सरगुजा संभाग के सुदूर स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने में भी मदद मिलेगी।

कुमार 

सम्पादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज़