रायपुर ब्राइट फाउंडेशन के सहयोग से श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज को मिला पहला देहदान

रायपुर ब्राइट फाउंडेशन के सहयोग से श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज को मिला पहला देहदान

रायपुर: स्थानीय निवासी स्वर्गीय श्रीमती शांति खेतान (पति: स्वर्गीय यमुना प्रसाद खेतान) के 85 वर्ष की आयु में दुःखद निधन के उपरांत उनके परिजनों ने एक अत्यंत प्रेरणादायक और मानवतावादी मिसाल पेश की है। परिवारजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनका पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च और भावी डॉक्टरों की शिक्षा के लिए श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया।

स्वर्गीय श्रीमती शांति खेतान के सुपुत्र मनोज खेतान और भतीजे अरुण कुमार अग्रवाल ने इस संबंध में बताया,

"हमारे परिवार का मानना है कि मृत्यु के पश्चात शरीर को पंचतत्व में विलीन करने या नष्ट करने से बेहतर है कि यह किसी भावी डॉक्टर की शिक्षा और मेडिकल रिसर्च के काम आए, जिससे भविष्य में अनगिनत जिंदगियों को बचाया जा सके।"

रायपुर ब्राइट फाउंडेशन की त्वरित पहल

रायपुर ब्राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रदीप गोविंद शितूत ने इस पूरी प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गत 28 जुलाई को संस्था का देहदान और नेत्रदान घोषणा शिविर संपन्न हुआ था। इससे प्रेरित होकर अरुण कुमार अग्रवाल ने अपनी बुआ (जो एम्स अस्पताल, रायपुर में उपचाराधीन थीं और क्रिटिकल स्टेज में थीं) के देहदान की इच्छा जताई थी।

संस्था द्वारा तुरंत देहदान और नेत्रदान घोषणा पत्र भेजा गया। फॉर्म प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात शांति देवी ने देह त्याग कर दिया। निधन का समाचार मिलते ही संस्था के अरविंद जोशी ने सक्रियता दिखाते हुए परिजनों को सभी आवश्यक प्रक्रियाओं से अवगत कराया और उन्हें पूर्ण करवाया। इस दौरान 'बढ़ते कदम' संस्था द्वारा वाहन की त्वरित व्यवस्था का सहयोग भी बेहद सराहनीय रहा।

भ्रांतियों को दूर करने का संदेश

रोटरी क्लब ऑफ रायपुर की अध्यक्ष डॉ. प्रीता लाल ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मेडिकल छात्रों को व्यावहारिक अध्ययन के लिए डेडबॉडी की भारी कमी का सामना करना पड़ता है। इस प्रकार के स्वैच्छिक देहदान से न केवल चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलता है, बल्कि समाज में देहदान को लेकर फैली भ्रांतियां भी दूर होती हैं। श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज को प्राप्त इस देहदान से अब छात्रों के व्यावहारिक अध्ययन की सुविधा में भी विस्तार होगा।

पारंपरिक अंतिम संस्कार की औपचारिकताएं पूर्ण करने के पश्चात, पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय एवं सामाजिक सम्मान के साथ श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को सुपुर्द किया गया। यह अनूठी पहल समाज को मृत्यु के उपरांत भी जीवन को सार्थक बनाने का एक गहरा संदेश देती है।

 प्रदीप गोविंद शितूत

अध्यक्ष: रायपुर ब्राइट फाउंडेशन, रोटरी मैत्री ट्रस्ट, बाल समाज

सहायक प्रांतपाल (2026-27), रोटरी क्लब ऑफ रायपुर

चेयरमैन एल्युमिनी (2025-26) | सिटी कोऑर्डिनेटर रायपुर (2024-25)

सचिव: सौ. कुसुम ताई दाबके स्मृति पाठशाला प्रबंध समिति, तात्यापारा, रायपुर

प्रमुख बिंदु

  • प्रेरणादायक पहल: 85 वर्षीया स्वर्गीय श्रीमती शांति खेतान के परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए देहदान का साहसिक निर्णय लिया।

  • संस्थान: नश्वर शरीर को चिकित्सा शिक्षा एवं शोध कार्य हेतु श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को सौंपा गया।

  • सहयोग: यह रायपुर ब्राइट फाउंडेशन के सहयोग से होने वाला अपनी तरह का पहला देहदान है।

संपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज