विशेष रिपोर्ट: व्हाट्सएप ग्रुप और फेक ऐप से 'करोड़ों की चपत', शेयर बाजार और फर्जी IPO इन्वेस्टमेंट के नए मायाजाल से रहें सावधान
शेयर बाजार और IPO में 100% अलॉटमेंट के नाम पर देश और छत्तीसगढ़ में चल रहा है करोड़ों का खेल। जानें कैसे व्हाट्सएप ग्रुप और फेक ऐप के जरिए ठग लगा रहे हैं चपत। सतर्क रहें!
विशेष संवाददाता, रायपुर देश और छत्तीसगढ़ में इस समय डिजिटल अपराधियों ने ठगी का एक बेहद खतरनाक और हाईटेक हथियार तैयार किया है—"फर्जी स्टॉक मार्केट और संस्थागत (Institutional) IPO अलॉटमेंट फ्रॉड।" शेयर बाजार में कम समय में अमीर बनने और बड़े-बड़े आईपीओ (IPO) में 100% अलॉटमेंट दिलाने का लालच देकर ये साइबर ठग लोगों की जिंदगी भर की कमाई मिनटों में साफ कर रहे हैं। हाल ही में देश के अलग-अलग हिस्सों और छत्तीसगढ़ के युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी के मामले सामने आने के बाद पुलिस और सेबी (SEBI) ने रेड अलर्ट जारी किया है।
कैसे बुना जाता है ठगी का यह 'मायाजाल'? (Modus Operandi)
साइबर पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस ठगी का एक सेट पैटर्न है, जिसे बेहद चालाकी से अंजाम दिया जाता है:
[फेक विज्ञापन/लिंक] ➔ [व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप में एंट्री] ➔ [फर्जी ऐप डाउनलोड] ➔ [शुरुआती छोटा प्रॉफिट] ➔ [बड़ा निवेश & फर्जी मुनाफा] ➔ [खाता ब्लॉक / टैक्स की मांग]
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इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स के नाम पर फर्जी ग्रुप: ठग सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर नामी इंवेस्टमेंट फर्म्स (जैसे- Barclays, FIIs, या जानी-मानी ब्रोकरेज कंपनियां) के फर्जी विज्ञापन चलाते हैं। इन पर क्लिक करते ही पीड़ित एक व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ जाता है।
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फर्जी ऐप और डैशबोर्ड (Fake App): ग्रुप में शामिल होने के बाद पीड़ितों को एक कस्टमाइज्ड, नकली ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया जाता है। यह ऐप दिखने में बिल्कुल असली होता है, लेकिन इसका शेयर बाजार से कोई लेना-देना नहीं होता।
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संस्थागत कोटा (Institutional/FII Quota) का झांसा: ठग दावा करते हैं कि उनके पास विदेशी निवेशकों (FII) का वीआईपी कोटा है, जिससे आम जनता को बंद हो चुके या आने वाले बड़े आईपीओ (IPO) में भारी डिस्काउंट और निश्चित अलॉटमेंट मिलेगा।
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फेक प्रॉफिट और डिजिटल ट्रैप: शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए पीड़ित से ₹10,000 से ₹50,000 निवेश कराए जाते हैं और फर्जी ऐप पर उसका मुनाफा बढ़ाकर दिखाया जाता है। कुछ मामलों में ₹1 लाख तक विथड्रॉ (निकासी) भी करने दिया जाता है।
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अंतिम वार (The Final Strike): जब निवेशक का भरोसा पक्का हो जाता है, तो वह करोड़ों रुपये लगा देता है। ऐप पर उसका बैलेंस करोड़ों में दिखने लगता है (जैसे हाल ही में एक पीड़ित को ₹1.22 करोड़ के निवेश पर ₹15.69 करोड़ का फेक प्रॉफिट दिखाया गया)। लेकिन जब पीड़ित पैसे निकालने की कोशिश करता है, तो ठग "20% इनकम टैक्स" या "सेबी पेनल्टी" के नाम पर लाखों रुपये और मांगते हैं और अंत में ग्रुप से ब्लॉक कर देते हैं।
हालिया बड़े मामले: आंकड़े दे रहे हैं गवाही
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केस 1 (हैदराबाद): पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है जिसने एक ही पीड़ित से ₹1.22 करोड़ ठग लिए। ठगों ने "BARCLAYS India High-Quality Stock Trading" नाम से फर्जी ग्रुप बनाया था।
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केस 2 (खारघर): एक वरिष्ठ नागरिक को शेयर बाजार और ब्लॉकबस्टर आईपीओ में अलॉटमेंट का झांसा देकर ₹6.43 करोड़ की भारी-भरकम चपत लगाई गई।
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केस 3 (बेंगलुरु): विदेशी मुद्रा (Forex) और आईपीओ के नाम पर एक निजी कंपनी के कर्मचारी से ₹1.39 करोड़ की धोखाधड़ी की गई, जहां पैसे निकालने के बदले ₹92.5 लाख का फर्जी इनकम टैक्स मांगा गया।
सेबी (SEBI) और पुलिस की गाइडलाइन: इन 5 बातों का रखें ध्यान
कोई व्हाट्सएप ग्रुप अलॉटमेंट नहीं देता: भारत में किसी भी आईपीओ (IPO) का अलॉटमेंट केवल सेबी रजिस्टर्ड रजिस्ट्रार (जैसे KFintech, Link Intime) द्वारा पारदर्शी लॉटरी सिस्टम से होता है। कोई भी व्हाट्सएप ग्रुप आपको 'गारंटीड अलॉटमेंट' नहीं दिला सकता।
रजिस्ट्रेशन की जांच करें: निवेश करने से पहले ऐप या एडवाइजर का SEBI Registration Number आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर चेक करें।
अज्ञात लिंक्स से बचें: किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक (जैसे
.apkफाइल) से कभी भी कोई ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड न करें। हमेशा Google Play Store या Apple App Store का ही उपयोग करें।पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर नहीं: वैध ब्रोकर (जैसे Zerodha, Groww, Angel One) कभी भी किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत बैंक खाते या किसी अज्ञात करंट अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहते।
जल्दी अमीर बनने के झांसे से बचें: यदि कोई आपको बिना किसी रिस्क के 20% से 50% तक के दैनिक या साप्ताहिक रिटर्न का वादा कर रहा है, तो समझ जाएं कि वह 100% फ्रॉड है।
ठगी होने पर तुरंत क्या करें?
यदि आप या आपके आसपास का कोई व्यक्ति इस तरह के निवेश फ्रॉड का शिकार हो गया है, तो बिना समय गंवाए 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती 1-2 घंटे) के भीतर कार्रवाई करें:
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तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
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आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत, बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल्स और चैट के स्क्रीनशॉट के साथ दर्ज कराएं, ताकि ठगों के बैंक खातों को समय रहते फ्रीज (Freeze) किया जा सके।
नारद एक्सप्रेस न्यूज़ की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। आपका एक गलत क्लिक आपकी जीवनभर की कमाई को खतरे में डाल सकता है!
कंचन यादव
सह सम्पादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज़