शिवरीनारायण में 27 अप्रैल से 5 मई तक 9 दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य आयोजन जगदूरु रामभद्राचार्य जी महाराज के सान्निध्य में सजेगा आध्यात्मिक महाकुंभ ...
रायपुर। राजधानी रायपुर के मोतीबाग स्थित मधुकर खेर स्मृति प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. अशोक हरिवंश एवं विशाल खंडेलवाल ने जानकारी दी कि 27 अप्रैल से 5 मई 2026 तक शिवरीनारायण में 9 दिवसीय भव्य श्रीराम कथा का आयोजन होने जा रहा है।
यह दिव्य आयोजन तुलसी पीठाधीश्वर, पद्मविभूषण जगदुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा। कथा का वाचन प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे तक होगा, जिसमें श्रद्धालु भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और भक्ति के भावों से जुड़ सकेंगे।
कथा का आयोजन हरिवंश कृपा राम मिलेंगे आश्रम, तेंदुआ धाम, कुरियारी (शिवरीनारायण) में किया जाएगा। आयोजन स्थल को विशेष रूप से सजाया और सजाया जा रहा है, जहां प्रदेशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों ने इसे क्षेत्रवासियों के लिए एक दुर्लभ और सौभाग्यशाली अवसर बताया है, जब पूज्य गुरुदेव स्वयं अपनी दिव्य वाणी से रामकथा का रसपान कराएंगे।
स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज 22 भाषाओं के विद्वान, 250 से अधिक ग्रंथों के रचयिता तथा ज्ञानपीठ एवं साहित्य अकादमी सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत हैं। वे दिव्यांग विश्वविद्यालय के आजीवन कुलाधिपति भी हैं और उनकी ओजस्वी वाणी ने असंख्य लोगों के जीवन को आध्यात्मिक दिशा दी है।
इस आयोजन को सामाजिक समरसता के संदेश के साथ जोड़ा गया है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वर्गों को विशेष रूप से सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। एक दिन दिव्यांगजनों, एक दिन रक्तदाताओं, एक दिन कुष्ठ रोगियों तथा एक दिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को समर्पित रहेगा, जिससे समाज में जागरुकता और सम्मान की भावना को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, रायपुर सासंद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त 27 एवं 28 अप्रैल को वासुदेवानंद सरस्वती जी के आगमन की संभावना है। किन्नर अखाड़ा से कौशल्या नंद गिरी जी भी कार्यक्रम में 2-3 दिनों तक सहभागिता करेंगी। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के मीडिया सलाहकार रमाकांत पांडेय जी 7 दिनों तक उपस्थित रहेंगे। साथ ही प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नायक मंगल पांडेय के परिकर से पद्मश्री उमाशंकर पांडेय जी के भी शामिल होने की सूचना है।
जगदुरु रामभद्राचार्य जी महाराज ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया है कि वे उसी मंदिर में आ रहे हैं, जिसकी स्थापना और संपोषण उन्होंने स्वयं किया है। यह मंदिर प्रदेश का सबसे ऊंचा राम मंदिर बनने जा रहा है, जिसकी ऊंचाई कलश सहित 151 फीट होगी। वर्तमान में मंदिर का निर्माण कार्य 50 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुका है, जो इसको भव्यता और तीव्र गति से हो रहे निर्माण को दर्शाता है।
यह आश्रम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि समाज कल्याण का एक सशक्त माध्यम भी बन चुका है। यहां किसानों के हित में विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती हैं तथा निर्धन कन्याओं के विवाह जैसे पुनीत कार्यों के माध्यम से समाज के कमजोर वर्ग को सहयोग प्रदान किया जाता है।
आश्रम परिसर में स्थित श्री राम जानकी मण्डपम मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था और शाति का केंद्र बना हुआ है। यहां आने वाले ग्रामीणों एवं अन्य आगंतुकों के लिए अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे यह स्थान एक समग्र सेवा केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
आगामी समय में इस आश्रम को एक विशाल वैदिक विद्यालय के रूप में विकसित करने की योजना है, जो वैदिक शिक्षा, संस्कार और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस प्रकार यह स्थल धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरेगा।
आयोजकों ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस भव्य एवं पुण्य आयोजन का लाभ उठाएं और श्रीराम कथा का श्रवण कर अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाएं।