नवा रायपुर: देश का प्रथम डिजिटल जनजातीय संग्रहालय 'अद्वितीय', न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने की सराहना

नवा रायपुर: देश का प्रथम डिजिटल जनजातीय संग्रहालय 'अद्वितीय', न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने की सराहना

नवा रायपुर। उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने नवा रायपुर स्थित देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय की भव्यता और तकनीक के समन्वय को 'अद्वितीय' बताते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय विरासत की प्रशंसा की।


महत्वपूर्ण विन्दुओं पर एक नज़र:
आत्मीय स्वागत: आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणी बोरा ने माननीय मुख्य न्यायाधीश एवं अन्य न्यायमूर्ति गणों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
संग्रहालय की अवधारणा: श्री बोरा ने अतिथियों को संग्रहालय की परिकल्पना, इसके निर्माण के पीछे के उद्देश्यों और छत्तीसगढ़ के गौरवशाली जनजातीय इतिहास से विस्तारपूर्वक अवगत कराया।
संस्कृति और तकनीक का संगम: यह संग्रहालय आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से जनजातीय समाज के संघर्ष, शौर्य और उनकी विशिष्ट जीवनशैली को जीवंत रूप में प्रदर्शित करता है।
"यह संग्रहालय केवल एक इमारत नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति और बलिदान की कहानियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त और प्रेरणादायी माध्यम है।"


विरासत को सहेजने की पहल
शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति को समर्पित यह डिजिटल परिसर आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का केंद्र बनेगा। इसमें प्रदर्शित कलाकृतियाँ और डिजिटल गैलरी जनजातीय नायकों के योगदान को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस अवसर पर उच्च न्यायालय के विभिन्न न्यायमूर्ति और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

रिपोर्टर: कंचन यादव 
नारद एक्सप्रेस न्यूज