सावधान: बिजली मीटर अपडेट के नाम पर हो रही है डिजिटल ठगी, रहें सतर्क

सावधान: बिजली मीटर अपडेट के नाम पर हो रही है डिजिटल ठगी, रहें सतर्क

रायपुर: छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग के नाम पर प्रदेश में साइबर अपराध का एक नया तरीका सामने आया है। जालसाज उपभोक्ताओं को उनके बिजली मीटर बदलवाने या अपडेट करने का झांसा देकर शिकार बना रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनकी ओर से ऐसी किसी भी प्रक्रिया के लिए ग्राहकों को कोई APK फाइल या संदिग्ध लिंक नहीं भेजा जाता है।

कैसे बुना जाता है ठगी का जाल?

ठग आमतौर पर व्हाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से एक मैसेज भेजते हैं, जिसमें दावा किया जाता है कि "आपका बिजली मीटर पुराना हो गया है या तकनीकी खराबी के कारण बंद होने वाला है।" इसके समाधान के रूप में वे एक लिंक पर क्लिक करने या एक विशेष ऐप (APK) डाउनलोड करने का दबाव बनाते हैं। जैसे ही उपभोक्ता उस ऐप को इंस्टॉल करता है, ठगों को उनके फोन और बैंक खातों का एक्सेस मिल जाता है।

खुद को सुरक्षित रखने के लिए 'सुरक्षा मंत्र'

विद्युत विभाग और साइबर सेल ने नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:

अज्ञात कॉल/मैसेज को अनसुना करें: किसी भी अनजान नंबर से आए मीटर अपडेट या बिजली कटने की चेतावनी वाले संदेशों पर भरोसा न करें।

डाउनलोड न करें संदिग्ध ऐप: विभाग कभी भी किसी अनधिकृत ऐप या APK फाइल को डाउनलोड करने के लिए नहीं कहता। आधिकारिक कार्यों के लिए केवल प्ले स्टोर पर मौजूद प्रमाणित ऐप्स का ही उपयोग करें।

गोपनीयता बनाए रखें: अपना OTP (वन टाइम पासवर्ड), बैंक विवरण या UPI पिन किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।

सीधा संपर्क करें: यदि आपको मीटर संबंधी कोई संदेह है, तो मैसेज में दिए नंबर पर कॉल करने के बजाय अपनी नजदीकी बिजली ऑफिस (विद्युत केंद्र) जाएं या अधिकृत हेल्पलाइन नंबर पर बात करें।

विशेष नोट: सतर्कता ही बचाव है। आपकी एक छोटी सी सावधानी आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकती है।

नारद एक्सप्रेस न्यूज