महासमुंद पुलिस की बड़ी कामयाबी: 4.5 करोड़ के गांजा तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड यूपी से गिरफ्तार
महासमुंद।मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ओडिशा से उत्तर प्रदेश तक फैले 4.5 करोड़ रुपये मूल्य के 912 किलोग्राम गांजा तस्करी नेटवर्क के मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है।
इस कार्रवाई से एक बड़े सफेदपोश माफिया का पर्दाफाश हुआ है, जो वैध व्यवसायों की आड़ में नशे का यह काला साम्राज्य चला रहा था।
कच्चे केले और फर्जी नंबर प्लेट की आड़ में तस्करी
तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए बेहद शातिर हथकंडे अपना रहे थे। मुख्य सरगना के इशारे पर गांजे की इस विशाल खेप को कच्चे केलों के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस की कड़ाई से हुई चेकिंग के दौरान वाहन से 29 बोरियों में बंद 912 किलो गांजा बरामद किया गया। इतना ही नहीं, पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए आरोपियों द्वारा वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया जा रहा था ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
सफेदपोश माफिया का पर्दाफाश
पकड़े गए मुख्य आरोपी की पहचान विनय शर्मा (निवासी: शामली, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी विनय शर्मा उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में 10 से अधिक वैध शराब ठेकों का मालिक है। वह समाज में एक प्रतिष्ठित व्यवसायी का चोला ओढ़े हुए था, लेकिन असल में इस वैध कारोबार की आड़ में वह अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का संचालन कर रहा था।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
| विवरण | जानकारी |
| मास्टरमाइंड | विनय शर्मा (शामली, उत्तर प्रदेश) |
| बरामदगी | 912 किलोग्राम गांजा (29 बोरियों में) |
| अनुमानित कीमत | लगभग 4.5 करोड़ रुपये |
| तस्करी का तरीका | कच्चे केले के नीचे छिपाकर, फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग |
| नेटवर्क का दायरा | ओडिशा (सोर्स) $\rightarrow$ छत्तीसगढ़ (रूट) $\rightarrow$ उत्तर प्रदेश (खपत) |
कैसे खुला राज?
महासमुंद पुलिस द्वारा पूर्व में जब्त किए गए गांजे और पकड़े गए तस्करों से कड़ाई से पूछताछ की गई। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीम ने जब कड़ियों को जोड़ा, तो इस पूरे रैकेट के पीछे शामली के विनय शर्मा का नाम सामने आया। महासमुंद पुलिस की एक विशेष टीम ने तत्काल उत्तर प्रदेश में दबिश देकर घेराबंदी की और इस शातिर मास्टरमाइंड को धर दबोचा।
पुलिस का वक्तव्य:
"यह केवल एक खेप की जब्ती नहीं है, बल्कि हमने उड़ीसा से यूपी तक फैले एक बड़े नेटवर्क की रीढ़ तोड़ दी है। वैध शराब ठेकों की आड़ और केलों की लोडिंग के बहाने यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। आरोपी के वित्तीय लेन-देन और अन्य मददगारों की जांच जारी है।"
महासमुंद पुलिस की इस चौतरफा और रणनीतिक कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है। फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
मयंक श्रीवास्तव
चीफ एडिटर/नारद एक्स्प्रेस न्यूज