कुरूद: रोगटे खड़े कर देने वाली घटना,दहदहा स्कूल में 35 बच्चों ने 'काटे' हाथ; खुद को पहुंचाया नुकसान एक दूसरे को किया चैलेंज

धमतरी (कुरूद)। शासकीय माध्यमिक शाला दहदहा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां स्कूल के 92 में से 35 विद्यार्थियों की कलाई पर चोट और कट के निशान पाए गए हैं। इस घटना ने प्रशासन, शिक्षकों और पालकों की नींद उड़ा दी है। बुधवार को एसडीएम और एसडीओपी सहित आला अधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर बच्चों की काउंसलिंग की और मामले की तहकीकात शुरू की।
घटना का विवरण: चैलेंज या कुछ और?
13 फरवरी को हुए इस खुलासे के बाद जब जांच की गई, तो पाया गया कि 11 से 14 वर्ष की आयु के 21 छात्र और 14 छात्राओं के हाथों पर नुकीली वस्तुओं (ऑलपिन या ब्लेड) से काटने के निशान हैं।
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निशान की प्रकृति: कुछ निशान 4 से 6 महीने पुराने हैं, जबकि कुछ हाल ही के हैं।
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प्रशासनिक तर्क: एसडीओपी रागिनी मिश्रा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह एक-दूसरे को दिए गए 'चैलेंज' या टैटू बनाने के शौक का मामला लग रहा है। मोबाइल गेमिंग के एंगल से भी बच्चों से पूछताछ की जा रही है।
नशे का आरोप बनाम पुलिस का दावा
ग्रामीणों और पालकों का आरोप है कि गांव में अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, जिसके चलते बच्चे इस तरह की आत्मघाती आदतों का शिकार हो रहे हैं। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान नशे के अवैध कारोबार की पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों की मैराथन जांच
कुरूद एसडीएम नभसिंह कोसले और एसडीओपी रागिनी मिश्रा ने स्कूल स्टाफ, सरपंच और बीईओ की मौजूदगी में बच्चों से अकेले में 8-10 मिनट तक चर्चा की।
जांच के मुख्य बिंदु:
क्या बच्चे किसी जानलेवा ऑनलाइन गेम या चैलेंज का हिस्सा हैं?
क्या बच्चों ने टैटू बनाने या खुद को 'कूल' दिखाने के चक्कर में ऐसा किया?
स्कूल और घर के माहौल में ऐसा क्या बदला कि बच्चों ने यह कदम उठाया?
विशेषज्ञ की राय: पालकों के लिए चेतावनी
मनोविज्ञान विशेषज्ञ डॉ. शकुंतला दुल्हानी (दुर्गा कॉलेज, रायपुर) ने इसे बेहद गंभीर माना है। उनका कहना है:
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निगरानी की कमी: यह चिंताजनक है कि बच्चों के शरीर पर इतने निशान थे और माता-पिता अनजान रहे।
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व्यवहार पर नजर: पालकों को यह देखना होगा कि बच्चा मोबाइल पर क्या देख रहा है और उसके व्यवहार में क्या बदलाव आ रहे हैं।
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संवाद: यदि बच्चा गुमसुम रहे या शरीर को ढकने की कोशिश करे, तो उससे तत्काल प्यार से बात करें।
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श्रेणी संख्या कुल पंजीकृत छात्र 92 प्रभावित विद्यार्थी 35 प्रभावित छात्राएं 14 प्रभावित छात्र 21 आयु वर्ग 11 से 14 वर्ष
रिपोर्टर:कंचन यादव
नारद एक्स्प्रेस न्यूज