कबीरपंथियों की आस्था का प्रमुख केंद्र 'दामाखेड़ा' अब होगा 'कबीर धर्म नगर', सीएम ने की घोषणा
दामाखेड़ा का बदला नाम अब 'कबीर धर्म नगर' के नाम से जानी जाएगी कबीरपंथियों की तपोभूमि।

रायपुर/सिमगा: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल दामाखेड़ा के नाम परिवर्तन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब सिमगा तहसील के इस ग्राम का नाम ‘कबीर धर्म नगर, दामाखेड़ा’ होगा।
मुख्य घोषणा और प्रक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पदभार ग्रहण करने के पश्चात विश्व प्रसिद्ध सतगुरु कबीर संत समागम मेला के दौरान दामाखेड़ा प्रवास के समय यह ऐतिहासिक घोषणा की थी।
* कैबिनेट निर्णय: राज्य सरकार ने 4 जून 2025 को मंत्रिपरिषद की बैठक में नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पारित किया था।
* केंद्र की सहमति: भारत सरकार के गृह मंत्रालय से अनापत्ति मिलने के बाद, इस निर्णय को अंतिम मंजूरी दी गई।
* अधिसूचना: सामान्य प्रशासन विभाग ने 5 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ राजपत्र (Gazette) में इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
महत्व और पहचान
रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर सिमगा से लगभग 10 किमी दूर स्थित दामाखेड़ा भले ही भौगोलिक दृष्टि से छोटा गांव हो, लेकिन कबीरपंथ के अनुयायियों के लिए यह दुनिया का सबसे बड़ा और पवित्र आस्था केंद्र माना जाता है। इस नए नामकरण से इस स्थल की आध्यात्मिक पहचान को अब शासकीय मान्यता भी मिल गई है।
विशेष नोट: कबीरपंथियों की वर्षों पुरानी इस मांग के पूरे होने से संत समाज और स्थानीय निवासियों में हर्ष का माहौल है।
मुख्य संपादक: मयंक श्रीवास्तव
नारद एक्सप्रेस न्यूज़