ऑपरेशन अंकुश का खौफ: रायगढ़ पुलिस की सख्ती के आगे सटोरियों ने टेके घुटने, बड़े खाईवालों ने किया सरेंडर

रायगढ़: जिले में अवैध जुआ और सट्टा नेटवर्क के खिलाफ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन अंकुश' का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। पुलिस की चौतरफा घेराबंदी और निरंतर छापेमारी से भयभीत होकर अब बड़े सट्टा खाईवाल खुद पुलिस के पास पहुंचकर आत्मसमर्पण कर रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के दो नामी सटोरियों— पप्पू बरेठ और मोहम्मद शाहनवाज मलिक— ने पुलिस के बढ़ते दबाव के आगे सरेंडर कर दिया है।
कुख्यात खाईवाल पप्पू बरेठ ने SSP के समक्ष ली शपथ
लंबे समय से फरार चल रहे कबीर चौक (जूटमिल) निवासी हेमराज बरेठ उर्फ पप्पू बरेठ ने आज स्वयं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के समक्ष उपस्थित होकर आत्मसमर्पण किया। पप्पू बरेठ का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है; उसके खिलाफ वर्ष 2023 से 2026 के बीच चक्रधरनगर, जूटमिल, कोतवाली और पुसौर थानों में सट्टा पट्टी के कई मामले दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि पप्पू के पिता कंगालू बरेठ के विरुद्ध भी 30 से अधिक मामले दर्ज हैं। एसएसपी के समक्ष समर्पण करते हुए पप्पू ने भविष्य में किसी भी अवैध गतिविधि में संलिप्त न होने और समाज की मुख्यधारा में जुड़कर जीवन जीने का संकल्प लिया।
शाहनवाज मलिक उर्फ सानू भी पहुंचा सलाखों के पीछे
एक अन्य बड़ी सफलता में, मधुबनपारा निवासी खाईवाल मोहम्मद शाहनवाज मलिक उर्फ सानू ने भी पुलिसिया दबाव के चलते कोतवाली थाने में सरेंडर कर दिया। सानू के खिलाफ अकेले वर्ष 2026 में कोतवाली पुलिस ने चार अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। हाल ही में गिरफ्तार आरोपी नरेंद्र दीप ने खुलासा किया था कि वह सानू और उसके साले एजाज खान के लिए कमीशन पर सट्टा लिखता था। कोतवाली पुलिस ने सानू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि उसका सहयोगी एजाज खान अब भी फरार है।
सिंडिकेट की टूटी कमर: खाईवालों पर सीधा प्रहार
रायगढ़ पुलिस की नई रणनीति के तहत अब केवल सट्टा लिखने वालों पर ही नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाले और मुख्य कारोबार चलाने वाले 'खाईवालों' पर सीधा कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। पुलिस द्वारा सट्टा नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों और फरार आरोपियों की धरपकड़ तेज करने से अवैध सिंडिकेट पूरी तरह ध्वस्त होने की कगार पर है।
एसएसपी का कड़ा संदेश: "सुधरें या जेल जाएं"
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जिले में अवैध कारोबार के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा, "रायगढ़ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। जो अपराधी अपराध छोड़कर मुख्यधारा में आना चाहते हैं, उनके लिए रास्ते खुले हैं, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे अवैध कार्यों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
मयंक श्रीवास्तव
नारद एक्सप्रेस न्यूज़