किश्तवाड़ एनकाउंटर: घायल 'टायसन' की जांबाजी से ढेर हुए जैश के 3 आतंकी

किश्तवाड़ एनकाउंटर: घायल 'टायसन' की जांबाजी से ढेर हुए जैश के 3 आतंकी

किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छत्रू क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने एक भीषण मुठभेड़ में प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को मार गिराया। इस सफल ऑपरेशन के पीछे भारतीय सेना के डॉग स्क्वॉड के जांबाज सदस्य 'टायसन' की बहादुरी की मिसाल दी जा रही है।


ऑपरेशन की मुख्य बातें:
यूनिट: सेना की 2 पैरा (स्पेशल फोर्सेज)।
योद्धा: जर्मन शेफर्ड नस्ल का 'टायसन'।
चुनौती: दुर्गम पहाड़ी इलाका और चट्टानों के बीच छिपे आतंकी।
चट्टानों के बीच मौत से टकराया 'टायसन'
मुठभेड़ के दौरान आतंकी एक बेहद संकरी और जोखिम भरी गुफा जैसी जगह में छिपे हुए थे, जहाँ इंसानी पहुंच मुश्किल थी। टायसन ने निडरता का परिचय देते हुए उस ठिकाने के भीतर प्रवेश किया। उसे देखते ही आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली टायसन के पैर में लगी, लेकिन इस बहादुर शिकारी ने हार नहीं मानी। घायल होने के बावजूद वह आतंकियों की लोकेशन ट्रैक करता रहा।


एयरलिफ्ट कर बचाया गया जीवन
टायसन द्वारा दिए गए सटीक इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों ने ठिकाने को चारों ओर से घेर लिया और जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकियों को खत्म कर दिया। ऑपरेशन सफल होते ही घायल टायसन की जान बचाने के लिए सेना ने उसे तुरंत एयरलिफ्ट किया और सैन्य अस्पताल भेजा। ताजा जानकारी के अनुसार, टायसन की हालत अब स्थिर है और वह विशेषज्ञों की निगरानी में है।


"टायसन जैसे मूक योद्धा हमारी सेना की शक्ति और हमारी सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उसकी बहादुरी ने न केवल ऑपरेशन सफल बनाया, बल्कि कई जवानों की जान भी बचाई।" — सैन्य सूत्र

नारद मिडिया 

छत्तीसगढ़