दुर्ग: प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू उत्पादों के खिलाफ प्रशासन सख्त, स्कूलों के पास की दुकानों में दी दबिश
दुर्ग। जिले में प्रतिबंधित गुटखा, तंबाकू और सुगंधित पान मसाला उत्पादों की अवैध बिक्री, भंडारण और परिवहन को रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अपनी कमर कस ली है। कलेक्टर के निर्देशानुसार, विभाग द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
शैक्षणिक संस्थानों के पास विशेष निगरानी
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बचाना है। टीम ने विशेष रूप से विद्यालयों और महाविद्यालयों के 100 गज के दायरे में संचालित पान ठेलों और किराना दुकानों का बारीकी से निरीक्षण किया। 'कोटपा' (COTPA) अधिनियम के तहत शैक्षणिक संस्थानों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध है, जिसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
सघन जांच: विभाग की टीम ने दुकानों के स्टॉक की जांच की ताकि प्रतिबंधित उत्पादों के भंडारण का पता लगाया जा सके।
परिवहन पर नजर: जिले की सीमाओं और मुख्य मार्गों पर तंबाकू उत्पादों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है।
व्यापारियों को निर्देश: दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे किसी भी प्रतिबंधित ब्रांड या बिना वैधानिक चेतावनी वाले तंबाकू उत्पादों का विक्रय न करें।
अधिकारियों का संदेश
खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। यदि कोई भी विक्रेता प्रतिबंधित सामग्री बेचते हुए पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसे अवैध कारोबार की सूचना विभाग को दें।
चीफ़ एडिटर:मयंक श्रीवास्तव
नारद एक्सप्रेस न्यूज़