कांकेर:मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस का कलेक्टर घेराव

कांकेर/जिला मुख्यालय: केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने के प्रयास और अन्य मुद्दों के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक
प्रशासन ने प्रदर्शन को रोकने के लिए कलेक्ट्रेट मार्ग पर तीन स्तरीय बैरिकेडिंग की थी। आक्रोशित कांग्रेसी कार्यकर्ता पहले घेरे को तोड़कर आगे बढ़ने में सफल रहे, लेकिन दूसरे बैरिकेड पर पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक झूमाझटकी और नोकझोंक होती रही। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
मनरेगा: ग्रामीण अर्थव्यवस्था की "संजीवनी"
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने और 'ग्राम स्वराज' की अवधारणा को मजबूत करने में मनरेगा की अहम भूमिका रही है। उन्होंने याद दिलाया कि कोविड काल के दौरान यही योजना गरीबों के लिए "संजीवनी" साबित हुई थी। कांग्रेस की मुख्य मांगें निम्नलिखित रहीं:
मनरेगा का नाम यथावत रखा जाए।
योजना के मूल स्वरूप के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए इसके प्रावधानों को सुरक्षित रखा जाए।
अंत में, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसके पश्चात प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ।
प्रमुख रूप से उपस्थित नेता
इस प्रदर्शन में संगठन के दिग्गज नेताओं सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी शामिल हुए:
दीपक बैज (पीसीसी चीफ)
बसंत यादव (जिला अध्यक्ष)
बीरेश ठाकुर (प्रदेश उपाध्यक्ष)
सावित्री मांडवी (भानुप्रतापपुर विधायक)
राजू दुबे (युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष)
यासीन करनी (शहर अध्यक्ष) अन्य वरिष्ठ नेता: नरेंद्र यादव, जनकनंदन कश्यप, अजय सिंह रेणु, बंटी शर्मा, चंद्रलोक ठाकुर, खेमेंद्र उयके, चमन साहू, सुरेश नाग, लतीफ मेमन, इशाक अहमद, सोमेश सोनी व अन्य कार्यकर्ता।
चीफ़ एडिटर: मयंक श्रीवास्तव
नारद एक्सप्रेस न्यूज