दुर्ग पुलिस की तत्परता: 'ग्रीन कॉरिडोर' बनाकर बचाई गई घायल युवक की जान, 40 मिनट में पहुँचाया रायपुर

दुर्ग पुलिस की तत्परता: 'ग्रीन कॉरिडोर' बनाकर बचाई गई घायल युवक की जान, 40 मिनट में पहुँचाया रायपुर

भिलाई/दुर्ग: दुर्ग पुलिस ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए गंभीर रूप से घायल एक युवक के लिए 'ग्रीन कॉरिडोर' बनाया। सिर में गंभीर चोट से जूझ रहे मरीज को बिना किसी बाधा के मात्र 40 मिनट में श्री शंकरा हॉस्पिटल (जुनवानी) से रामकृष्ण हॉस्पिटल (रायपुर) पहुँचाया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण

आज दिनांक 24 फरवरी 2026 को श्री शंकरा हॉस्पिटल में भर्ती एक युवक की स्थिति नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए तत्काल रायपुर रेफर करने की सलाह दी। मामला जीवन-मृत्यु से जुड़ा होने के कारण यातायात पुलिस दुर्ग को सूचित किया गया।

मिशन 'लाइफ सेविंग' के मुख्य बिंदु:

त्वरित रणनीति: सूचना मिलते ही यातायात पुलिस ने जुनवानी से रायपुर तक के व्यस्त मार्ग को निर्बाध बनाने हेतु रणनीति तैयार की।

डायवर्जन और तैनाती: मार्ग में पड़ने वाले सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सामान्य यातायात को रोका या डायवर्ट किया गया।

वायरलेस मॉनिटरिंग: एंबुलेंस की स्थिति पर वायरलेस सेट के माध्यम से पल-पल की निगरानी रखी गई, जिससे एंबुलेंस को कहीं भी रुकना न पड़े।

समय की बचत: आमतौर पर व्यस्त समय में लगने वाले घंटों के सफर को सुव्यवस्थित प्रबंधन से केवल 40 मिनट में तय कर लिया गया।

"संकट के समय में एक-एक सेकंड कीमती होता है। दुर्ग पुलिस की इस सक्रियता ने मरीज को 'गोल्डन ऑवर' में अस्पताल पहुँचाने में मदद की।"

दुर्ग पुलिस की अपील

यातायात विभाग ने आम जनता से अपील की है कि जब भी सड़क पर एंबुलेंस या आपातकालीन वाहन देखें, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर रास्ता दें। आपका एक छोटा सा सहयोग किसी के परिवार का चिराग बचा सकता है।

मयंक श्रीवास्तव 

चीफ़ एडिटर/नारद एक्सप्रेस न्यूज