दुर्ग पुलिस का अभिनव प्रयास: 'पुलिस जन मित्र योजना' से सुदृढ़ होगी सामुदायिक सुरक्षा की नींव

दुर्ग पुलिस का अभिनव प्रयास: 'पुलिस जन मित्र योजना' से सुदृढ़ होगी सामुदायिक सुरक्षा की नींव

दुर्ग। जिले की कानून व्यवस्था को अधिक समावेशी, आधुनिक और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में दुर्ग पुलिस ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में 'पुलिस जन मित्र योजना' का शंखनाद किया गया है। थाना सुपेला और खुर्सीपार क्षेत्रों से प्रारंभ हुई यह महत्वाकांक्षी योजना पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास के सेतु को मजबूत करने और सामुदायिक पुलिसिंग को धरातल पर उतारने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।


संवाद और सुरक्षा का नया अध्याय

'पुलिस जन मित्र योजना' का मूल उद्देश्य पुलिसिंग में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस अभियान के माध्यम से पुलिस बल नागरिकों को न केवल जागरूक कर रहा है, बल्कि उन्हें सुरक्षा तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी बना रहा है। अभियान के मुख्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र निम्नलिखित हैं:

  • डिजिटल सुरक्षा व साइबर जागरूकता: बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के तकनीकी गुर सिखाए जा रहे हैं।

  • महिला सुरक्षा व नशा मुक्ति: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए विशेष संवेदीकरण अभियान चलाया जा रहा है।

  • यातायात व संपत्ति की सुरक्षा: सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और सूने मकानों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश साझा किए जा रहे हैं।

आपातकालीन सहायता हेतु 'क्विक रिस्पॉन्स' तंत्र

जनता और पुलिस के बीच समन्वय को त्वरित बनाने के लिए विभिन्न विभागीय हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया है:

  • साइबर अपराध: 1930

  • महिला हेल्पलाइन: 1091

  • नशा मुक्ति/सूचना: 1933

  • यातायात सहायता: 1033

इन नंबरों के माध्यम से पुलिस ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि आपात स्थिति में सहायता केवल एक कॉल की दूरी पर रहे।

जनभागीदारी से बनेगा सुरक्षित समाज

थाना सुपेला एवं खुर्सीपार के अधिकारियों व कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से 'सजग प्रहरी' बनने का आह्वान किया है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति जागरूक होगा और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना साझा करने में संकोच नहीं करेगा, तभी एक अपराध मुक्त और आदर्श जिले की परिकल्पना यथार्थ में बदलेगी।


रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव

मुख्य संपादक, नारद एक्सप्रेस न्यूज