दुर्ग पुलिस की पहल: कुरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों को अवैध हथियारों व नशीली दवाओं की तस्करी रोकने का दिया प्रशिक्षण

दुर्ग पुलिस की पहल: कुरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों को अवैध हथियारों व नशीली दवाओं की तस्करी रोकने का दिया प्रशिक्षण

दुर्ग। जिले में अवैध हथियारों और नशीली दवाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए दुर्ग पुलिस अब 'सप्लाई चेन' पर कड़ा पहरा देने की तैयारी में है। मंगलवार को सेक्टर-06 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक विशेष कार्यशाला में जिले की प्रमुख कुरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों को सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने का प्रशिक्षण दिया गया।


तस्करी रोकने हेतु पुलिस की नई रणनीति

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चंद्रा और डीएसपी (क्राइम) यदुमणि सिदार ने कार्यशाला का नेतृत्व करते हुए स्पष्ट किया कि पार्सल सेवाओं का उपयोग तस्करी के लिए करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

  • कानूनी पाठ: प्रतिनिधियों को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि प्रतिबंधित दवाओं या हथियारों के परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित एजेंसी को भी कड़ी न्यायिक कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।

  • अनिवार्य KYC: पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक पार्सल की बुकिंग के समय ग्राहकों का अनिवार्य KYC (नो योर कस्टमर) सत्यापन किया जाए। बिना पहचान सुनिश्चित किए किसी भी सामान की बुकिंग न की जाए।

  • सुरक्षा ऑडिट: गोदामों और हब में हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरों के माध्यम से निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध पार्सल की गहन स्कैनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

स्टाफ का होगा पुलिस वेरिफिकेशन

सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने कंपनियों को अपने सभी डिलीवरी और पिकअप स्टाफ का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए हैं। इससे न केवल सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि आपराधिक तत्वों की घुसपैठ पर भी रोक लगेगी।

बेहतर समन्वय से बनेगा अपराध मुक्त समाज

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा:

"सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सामूहिक प्रयास है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या पार्सल की तत्काल सूचना पुलिस को दें ताकि समय रहते अपराधियों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके।"

इस कार्यशाला में पुलिस कंट्रोल रूम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे, जिन्होंने ई-कॉमर्स क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की।


रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव मुख्य संपादक, नारद एक्सप्रेस न्यूज