माँ मातंगी दिव्य धाम, कुरूद में राष्ट्रीय गौरव रथ का ऐतिहासिक स्वागत

धमतरी : कुरूद स्थित माँ मातंगी दिव्य धाम में राष्ट्रीय गौरव रथ के आगमन पर भव्य और ऐतिहासिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमा साई जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक उत्साह से गूंज उठा। धाम, जिसे त्रिकाल दर्शी धाम के रूप में मान्यता प्राप्त है, में आध्यात्मिक साधना के साथ सामाजिक जागरण के कार्य भी निरंतर संचालित होते हैं। कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रेमा साई जी महाराज ने हिंदू जागरण, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्र चेतना पर अपने विचार रखे। उन्होंने राज्य सरकार से महापुरुषों के योगदान को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में उचित स्थान देने की भी मांग की, ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सके। सायं 5 बजे रथ का विधिवत पूजन प्रारंभ हुआ, जिसके बाद भव्य शोभायात्रा और भजन-कीर्तन का आयोजन देर रात 11 बजे तक चलता रहा। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

उल्लेखनीय है कि छावा भारत क्रांति मिशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिव जन्मोत्सव सोहळा 2026 के तहत यह राष्ट्रीय गौरव रथयात्रा निकाली गई। यात्रा में छत्रपति शिवाजी महाराज की अक्षत प्रतिमा के साथ देशभर में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया जा रहा है। 14 फरवरी 2026 को प्रातः 9 बजे कालिका माता मंदिर से यात्रा का शुभारंभ हुआ। यह रथयात्रा सिन्नर, शिरडी, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, सिंदखेड़ राजा, नागपुर, रायपुर, संबलपुर, कटक और भुवनेश्वर होते हुए जगन्नाथ पुरी पहुँची।
19 फरवरी 2026 को जगन्नाथ पुरी में जागतिक शिवराज्य दिन एवं अंतरराष्ट्रीय शिव जन्मोत्सव समारोह रामकृष्णदासजी महाराज के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। माँ मातंगी दिव्य धाम में आयोजित यह ऐतिहासिक स्वागत समारोह छत्तीसगढ़ की धरती पर राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और धार्मिक चेतना का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। आयोजकों ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय क्षण बताया।
रिपोर्टर: कंचन यादव
नारद एक्सप्रेस न्यूज