धान खरीदी पर घमासान: मुख्यमंत्री निवास घेरने की तैयारी में AAP, 28 फरवरी तक तारीख बढ़ाने की मांग
रायपुर | 10 फरवरी, 2026 छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद अब प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने धान खरीदी की अव्यवस्थाओं और किसानों की समस्याओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है। आज, 10 फरवरी को पार्टी के कार्यकर्ता और नेता मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे।
पार्टी का मुख्य आरोप है कि सरकार की 'त्रुटिपूर्ण' नीतियों के कारण प्रदेश के लाखों किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं।
प्रमुख मुद्दे और AAP के आरोप:
-
तारीख बढ़ाने की मांग: AAP नेताओं का कहना है कि धान खरीदी की अंतिम तिथि जो 6 फरवरी को समाप्त हो चुकी है, उसे बढ़ाकर 28 फरवरी किया जाए, ताकि शेष 3 लाख किसान अपना धान बेच सकें।
-
रकबा समर्पण का विवाद: पार्टी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है कि साजिश के तहत छोटे किसानों पर 'रकबा समर्पण' (Area Surrender) का दबाव बनाया गया, जिससे उनकी बिक्री योग्य धान की मात्रा कागजों में कम हो गई।
-
भुगतान में बाधा: सहकारी बैंकों में भुगतान की सीमा ₹25,000 तय किए जाने से किसान आक्रोशित हैं। किसानों को सुबह से देर रात तक कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
-
संदेह के घेरे में किसान: टोकन व्यवस्था में सख्ती और पटवारियों द्वारा घर-घर जाकर किए जा रहे भौतिक सत्यापन पर सवाल उठाते हुए AAP ने पूछा कि क्या सरकार अन्नदाताओं को अपराधी या संदेह की नजर से देख रही है?
अंतरराष्ट्रीय नीतियों पर भी निशाना
आम आदमी पार्टी ने केवल राज्य ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों को भी कटघरे में खड़ा किया है। पार्टी के अनुसार, भारत-अमेरिका नई ट्रेड डील भारतीय कृषि के लिए 'डेथ वारंट' साबित होगी। इस समझौते से अमेरिकी डेयरी और कृषि उत्पाद भारतीय बाजारों में भर जाएंगे, जिससे स्थानीय किसानों की कमर टूट जाएगी।
आंदोलन की चेतावनी
"जब तक सरकार जबरन रकबा समर्पण के लिए माफी नहीं मांगती और खरीदी की तारीख नहीं बढ़ाती, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। किसान कर्ज के बोझ तले दबा है और सरकार जश्न मना रही है।" — पार्टी प्रवक्ता, AAP
मांग वर्तमान स्थिति AAP का प्रस्ताव अंतिम तिथि 6 फरवरी (समाप्त) 28 फरवरी तक विस्तार नकद भुगतान ₹25,000 की लिमिट सीमा समाप्त कर पूर्ण भुगतान सत्यापन पटवारी/RI द्वारा जांच सरल और पारदर्शी टोकन व्यवस्था निष्कर्ष: मुख्यमंत्री निवास के इस घेराव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार विपक्ष और किसानों के इस दबाव के आगे झुकते हुए धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ाती है या नहीं।
चीफ़ एडिटर:मयंक श्रीवास्तव
नारद एक्सप्रेस न्यूज़